फैट लॉस का ‘झूठा’ वादा पड़ा महंगा! 

अगर आप भी सोशल मीडिया या टीवी पर चल रहे “जल्दी वजन घटाने” वाले ऐड देखकर आकर्षित हो जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने मशहूर वेलनेस और ब्यूटी कंपनी VLCC लिमिटेड पर ₹3 लाख का जुर्माना ठोका है. आरोप है कि कंपनी ने CoolSculpting मशीन के जरिए फैट लॉस और स्लिमिंग ट्रीटमेंट्स को लेकर ऐसे विज्ञापन चलाए, जो लोगों को गुमराह करते थे. CCPA को शिकायत और मॉनिटरिंग के दौरान पता चला कि VLCC ऐसे विज्ञापन चला रही है जिसमें दावा किया गया कि एक ही सेशन में 600 ग्राम तक वजन और 7 सेंटीमीटर तक चर्बी घटाई जा सकती है. इतना ही नहीं, कुछ ऐड्स में लिखा था – “Drop one size in one hour” यानी सिर्फ एक घंटे में कपड़ों का साइज छोटा हो जाएगा. जाहिर है, इस तरह के दावे आम लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन ये वैज्ञानिक रूप से सही नहीं थे. CoolSculpting मशीन Zeltiq Aesthetics कंपनी द्वारा बनाई गई है और इसे US-FDA (अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) ने मंजूरी दी है. लेकिन यह मंजूरी सिर्फ कुछ खास बॉडी पार्ट्स के लिए है – जैसे बांह, पीठ, पेट, जांघ और ठुड्डी के नीचे का हिस्सा. यह किसी भी हालत में वजन घटाने का ट्रीटमेंट नहीं है. इसका इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए किया जा सकता है जिनका BMI (बॉडी मास इंडेक्स) 30 या उससे कम है. क्लीनिकल ट्रायल भी सिर्फ 57 लोगों पर हुए थे और उनमें से कोई भी भारतीय या एशियाई मूल का नहीं था. सबसे बड़ी बात, US-FDA ने इसे भारत में इस्तेमाल के लिए किसी भी तरह की विशेष मंजूरी नहीं दी है.

जांच में पाया गया कि VLCC ने इन जरूरी जानकारियों को अपने विज्ञापनों में शामिल नहीं किया और लोगों को यह झूठा भरोसा दिया कि यह ट्रीटमेंट स्थायी वजन घटाने और साइज कम करने का तरीका है.

क्यों जरूरी है यह कदम?

आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वेलनेस और स्लिमिंग से जुड़े हजारों विज्ञापन चलते हैं. इनमें से कई वैज्ञानिक आधार पर गलत होते हैं और लोगों की जेब से हजारों-लाखों रुपये निकल जाते हैं. कई बार इन ट्रीटमेंट्स से स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. CCPA की यह कार्रवाई ऐसे झूठे दावों पर नकेल कसने और उपभोक्ताओं को बचाने के लिए अहम है.

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