लगातार 6 हफ्ते की गिरावट के बाद, जो आखिरी बार कोविड-क्रैश 2020 में देखने को मिली थी, 11 अगस्त को बाजार में तेजी लौटी.
1) वैल्यू बायिंग से बाजार में जान
ट्रंप के भारत पर 50% टैरिफ के ऐलान (जिसमें से 25% लागू हो चुका है और बाकी 25% अगस्त 28 से) और US ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता के बीच, शेयरों में गिरावट के बाद वैल्यू बायिंग देखने को मिली.
टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी लगातार 6 हफ्ते से रेड कैंडल बना रहा था और 24,200–24,000 के सपोर्ट के पास आ चुका था. यह 100-डे EMA के साथ मेल खाता है, जहां से रिवर्सल का मौका बन सकता है.
2) ग्लोबल मार्केट्स से पॉजिटिव संकेत
एशिया में अच्छे कॉरपोरेट रिजल्ट्स से टेक सेक्टर मजबूत हुआ.US में डॉव 0.47%, S&P 500 0.78% और Nasdaq 1% चढ़ा, Nasdaq ने लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड क्लोजिंग दी.Apple के शेयर एक हफ्ते में 13% उछले, 2020 के बाद सबसे बड़ा साप्ताहिक फायदा.गिलियड साइंसेज के शेयर 8% से ज्यादा उछले.
3) SBI और ग्रासिम के दमदार नतीजे
SBI – Q1 प्रॉफिट 12.5% बढ़ा, नॉन-लेंडिंग इनकम में मजबूती. शेयर 2.2% चढ़े.ग्रासिम इंडस्ट्रीज – बेहतर-से-अपेक्षित नतीजे, खासकर केमिकल्स बिजनेस में मजबूती. शेयर 2.2% ऊपर.
4) कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड 0.5% गिरकर $66.26/बैरल, WTI 0.6% गिरकर $63.49/बैरल.ट्रंप-पुतिन मीटिंग (15 अगस्त, अलास्का) से उम्मीद कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने और तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने पर बातचीत होगी.
5) म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड इनवेस्टमेंट- जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹42,672 करोड़ का शुद्ध इनफ्लो, 81% की बढ़त.लगातार 53वां महीना जब इक्विटी फंड्स में इनफ्लो रहा, यह रिटेल निवेशकों के भरोसे को दिखाता है.
