देवचा पचामी कोयला ब्लॉक को बंद करने की मांग में निकाला गया जुलुस

देवचा पचामी कोयला ब्लॉक के पहले चरण का काम शुरू हो गया है, लेकिन इसको लेकर विरोध अभी भी जारी है. इसी कड़ी में मूलनिवासी ऐक्क मंच और पश्चिम बंगाल आदिवासी अधिकार मंच द्वारा एक विरोध मार्च का आयोजन किया गया, सियालदह स्टेशन की दक्षिण शाखा के पास से यह जुलुस शुरू हुआ धर्मतला चैनल तक गया।मूलनिवासी ऐक्क मंच और पश्चिम बंगाल आदिवासी अधिकार मंच के सदस्यों का कहना है कि  देउचा पंचमी में सरकार विकास के नाम पर मूल निवासियों को अवैध रूप से बेदखल कर रही है।

वे वही लोग हैं जो मांग करते हैं कि देउचा पंचमी में कोयला खनन बंद किया जाना चाहिए, जल, जमीन, जंगल को बचाया जाना चाहिए और पर्यावरण की रक्षा की जानी चाहिए। आज का कार्यक्रम आदिवासी  समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई पर आधारित है। कोयला खनन के लिए विकास के नाम पर मूल निवासियों की बेदखली तुरंत रोकी जानी चाहिए।

राज्य के मुख्यमंत्री का कहना है कि भारत की सबसे बड़ी कोयला खदान कहलाने वाली इस कोयला खदान के विकसित होने से काफी विकास होगा और कई लोगों को आजीविका मिलेगी। लेकिन आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सही कह रही हैं। कुछ लोग तो अपनी आजीविका चला लेंगे, लेकिन प्रकृति पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ेगा, जिसका असर पूरे आदिवासी समुदाय पर पड़ेगा। इसलिए, इस कोयला खनन प्रस्ताव को तुरंत रोका जाना चाहिए। विकास के नाम पर अवैध बेदखली जारी नहीं रहेगी।

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