बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले

चारधाम यात्रा के प्रमुख स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम के कपाट आज रविवार सुबह ठीक 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और “जय बदरीविशाल” के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विधिपूर्वक खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में भक्त मंदिर परिसर में मौजूद रहे और इस शुभ घड़ी के साक्षी बने।बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है और यह हर साल मई से नवंबर के बीच तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहता है। शीत ऋतु के दौरान जब बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं, तो मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और उस समय भगवान बद्रीनाथ की पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में की जाती है।कपाट खुलने के साथ ही चारधाम—गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और अब बद्रीनाथ—पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जिससे यात्रा का शुभारंभ हो चुका है और देशभर से भक्त दर्शन हेतु उमड़ने लगे हैं।बद्रीनाथ धाम को भगवान विष्णु का धाम माना जाता है और यह अलकनंदा नदी के बाएं किनारे, नर और नारायण पर्वतों के बीच स्थित है। जैसे केदारनाथ धाम को भगवान शिव का विश्राम स्थल कहा जाता है, वैसे ही बद्रीनाथ धाम को धरती पर स्थित बैकुंठ माना जाता है।यहां भगवान विष्णु शालीग्राम पत्थर से निर्मित चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वे छह महीने तक निद्रा में रहते हैं और शेष छह महीने भक्तों को जाग्रत अवस्था में दर्शन और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *