नदिया ज़िले में यह बात अब स्पष्ट हो गई है कि आपकी सफलता ही आपकी आगे बढ़ने की शक्ति है, और इसे आपको खुद ही गढ़ना होगा। आज के तेज़ रफ्तार जीवन में आधुनिकता की दौड़ में लोग खुद को कई तरह से व्यस्त रख रहे हैं। मगर इसी दौड़ के बीच लोग अब स्वास्थ्य के महत्व को समझने लगे हैं और योग की ओर उनकी रुचि लगातार बढ़ रही है।आजकल अधिकांश लोग मोबाइल की लत के शिकार हो रहे हैं। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग अब अनिवार्य होता जा रहा है। फास्ट फूड खाने से लोग मोटापा और कई तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं और फिर दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं।
लेकिन अगर दवाओं से दूर रहना है, तो योग करना ज़रूरी है। इसी कारण अब बहुत से लोग योग की ओर आकर्षित हो रहे हैं और प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सफलता भी पा रहे हैं। रानाघाट के विश्वास पाड़ा स्थित योगा सेंटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी लोग योग सीख रहे हैं और प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।संस्थान के कर्णधार निशीथ मंडल ने बताया कि हाल ही में एक प्रतियोगिता में भाग लेकर उनके सेंटर ने ज़िला स्तर पर 62, राज्य स्तर पर 37 प्रतिभागियों को भेजा। इसके बाद दार्जिलिंग में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुल 19 प्रतिभागियों ने भाग लिया और वहाँ से 2 स्वर्ण, 6 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर लौटे।
विशेष उल्लेखनीय है कि 66 वर्षीय बुज़ुर्ग जगोमोय जोआर्दार ने रजत पदक प्राप्त किया। अब आगामी 3 सितंबर को मलेशिया में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, अक्टूबर में सिंगापुर और उसके बाद दिल्ली में वर्ल्ड कप आयोजित होने जा रहा है, जिसे लेकर छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह है। योगा सेंटर की पायल मंडल कहती हैं कि “योग आत्मा और परमात्मा के मिलन का माध्यम है। यह शास्त्रीय आसनों के ज़रिए किया जाता है। इस साल हमें जो सफलता मिली है, वह छात्रों की मेहनत और मानसिकता का परिणाम है। आने वाले दिनों में हम वर्ल्ड कप में और भी बड़ी सफलता प्राप्त करें, यही हमारी कोशिश है।” यह साबित हो चुका है कि योग सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाला साधन है।
