मणिपुर में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का कहर सैकड़ों घर तबाह और फसलें बर्बाद

मणिपुर के कई जिलों में रविवार को हुई भीषण ओलावृष्टि और तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। बिष्णुपुर, काकचिंग, थौबल और नोनी जैसे जिलों में १५ मार्च की सुबह अचानक आई इस आपदा से सैकड़ों घरों की छतें उड़ गईं और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया। बिष्णुपुर जिले के नगाइखोंग खुल्लेन में ही ४०० से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि नोनी जिले में लगभग ३८ घरों और स्कूल भवनों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। प्रशासन के अनुसार, कई प्रभावित परिवारों ने स्थानीय चर्चों और सामुदायिक केंद्रों में शरण ली है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस आपदा में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के कृषि क्षेत्र को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में लगभग ५४ हेक्टेयर क्षेत्र में फैली गोभी, मटर और बीन्स जैसी सब्जियां और सरसों की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले २४ घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ और अधिक बारिश होने की संभावना जताई है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *