आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) सार्वजनिक सदस्यता के लिए बारह दिसंबर को खुलेगा और यह सोलह दिसंबर तक चलेगा। यह इश्यू लगभग दस हज़ार छह सौ दो करोड़ रुपये का है, जो पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसका अर्थ है कि कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि सारा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर के लिए मूल्य दायरा दो हज़ार इकसठ रुपये से लेकर दो हज़ार एक सौ पैंसठ रुपये निर्धारित किया है। खुदरा निवेशकों को न्यूनतम छह शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) वर्तमान में लगभग एक सौ आठ रुपये से एक सौ चौबीस रुपये प्रति शेयर के बीच चल रहा है, जो निवेशकों के बीच सकारात्मक रुझान और सूचीबद्धता पर लगभग पाँच से छह प्रतिशत लाभ की संभावना को दर्शाता है।
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी भारत की दूसरी सबसे बड़ी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी है और आईसीआईसीआई बैंक की एक सहायक इकाई है, जिसके पास बैंक की इक्यावन प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी इक्विटी, डेट और हाइब्रिड सहित एक सौ चालीस से अधिक म्यूचुअल फंड योजनाओं का प्रबंधन करती है। कंपनी का व्यापार मॉडल मजबूत है और इसने वित्तीय वर्ष दो हज़ार पच्चीस में दो हज़ार छह सौ पचास करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। प्रबंधन के तहत बढ़ती परिसंपत्तियों (एयूएम) और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए, बाजार के कई विशेषज्ञों ने निवेशकों को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के लिए इस आईपीओ की सदस्यता लेने की सलाह दी है। सूचीबद्धता पर संभावित लाभ मध्यम हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की विकास क्षमता मजबूत मानी जा रही है।
