कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने इंडसइंड बैंक लिमिटेड के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा जांच का आदेश दिया है। यह निर्णय बैंक के वैधानिक ऑडिटर और फॉरेंसिक रिपोर्टों में पाई गई गंभीर लेखांकन (अकाउंटिंग) अनियमिताओं के कारण लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, १२ मई २०२५ को एक फॉर्म जमा किया गया था जिसमें वित्त वर्ष २०१५-१६ से २०२३-२४ की अवधि के दौरान लगभग १,९५९.७८ करोड़ रुपये की वित्तीय विसंगतियों का उल्लेख किया गया था।
सरकार ने यह कदम सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए उठाया है क्योंकि पिछली रिपोर्टों में आंतरिक नियंत्रणों की विफलता और लेखांकन त्रुटियों के संकेत मिले थे। एसएफआईओ अब फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्टों और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच करेगा ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा पर्याप्त सबूतों के अभाव में अपनी शुरुआती जांच बंद करने पर विचार कर रही थी।
