कोलकाता के दाे दिवसीय दाैरे पर जेपी नड्डा, प्रशासनिक व राजनीतिक बैठक में हाेंगे शामिल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा बुधवार रात कोलकाता पहुंच रहे हैं। अपने दौरे के दौरान वह दो अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनमें एक प्रशासनिक और दूसरी राजनीतिक बैठक शामिल है। यह जानकारी पार्टी की राज्य समिति से जुड़े एक सदस्य ने दी है।

जेपी नड्डा गुरुवार सुबह शहर में आयोजित स्वास्थ्य से जुड़े सेमिनार में शामिल होंगे और संबोधित भी करेंगे। इसके बाद वह बंगाल भाजपा की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक के बाद वह गुरुवार शाम ही दिल्ली लौट जाएंगे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने विशेष रूप से जेपी नड्डा को इस संगठनात्मक बैठक में शामिल होने और पार्टी नेताओं को मार्गदर्शन देने के लिए आमंत्रित किया था। इस आमंत्रण को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वीकार किया।

यह संगठनात्मक बैठक पूरी तरह बंद कमरे में होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान जेपी नड्डा राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की चुनावी रणनीति पर अपने विचार साझा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे।

गौरतलब है कि, पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता का तीन दिन का दौरा किया था। वहीं, इसी जनवरी के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी राज्य में दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है, जहां वह दो जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन दोनों दौरों के बीच जेपी नड्डा का कोलकाता आना और संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करना यह संकेत देता है कि भाजपा नेतृत्व विधानसभा चुनाव की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हालिया दौरे के दौरान राज्य नेतृत्व को चुनावी तैयारी और प्रचार को लेकर कई अहम सुझाव दिए थे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सुझाव तृणमूल कांग्रेस के उस प्रचार का लगातार जवाब देने को लेकर था, जिसमें मतुआ समुदाय के मतदाताओं के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण उनके मतदान अधिकार खत्म होने का डर फैलाए जाने का आरोप लगाया गया है।

अमित शाह ने राज्य नेतृत्व को मतुआ समुदाय के मतदाताओं के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने और उन्हें उनके मतदान अधिकार सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाने के निर्देश भी दिए थे। इसके अलावा उन्होंने वाम मोर्चा और राज्य कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच कथित गुप्त समझौते को लेकर फैलाए जा रहे प्रचार का भी लगातार खंडन करने को कहा था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे केंद्रीय नेताओं के दौरे यह साफ संकेत दे रहे हैं कि भाजपा पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह आक्रामक और संगठित रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।

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