पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के बकाया फंड को कथित रूप से रोके जाने के विरोध में कोलकाता के रेड रोड पर २ दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल का लगभग १.१५ लाख करोड़ रुपये का हक रोक रखा है। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से तृणमूल कांग्रेस केंद्र की भाजपा सरकार पर भेदभावपूर्ण राजनीति करने और राज्य के विकास में बाधा डालने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर, इस विरोध प्रदर्शन की सार्थकता पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि क्या यह आगामी चुनावों से पहले जनता का ध्यान खींचने की एक राजनीतिक रणनीति मात्र है। आलोचकों का तर्क है कि राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय निधियों के उपयोग का सही विवरण यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट न दे पाना ही फंड रुकने का मुख्य कारण है। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र में आयोजित इस धरने के कारण यातायात व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है, जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आंदोलन केंद्र के रुख में कोई बदलाव ला पाएगा।
