मार्स ने भारतीय पालतू जानवरों के पालकों से थाली से कटोरे की ओर जाने का आग्रह करते हुए राष्ट्रीय अभियान शुरू किया

भारत में पालतू जानवरों के प्रति बढ़ते प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव के बावजूद, उन्हें अब भी इंसानों का खाना दिया जाता है – वही घर का खाना और कई बार वही थाली, जिसमें वे आवश्यक पोषक तत्व नहीं होते जो पालतू जानवरों के लिए जरूरी हैं। इस समस्या को समझते हुए, पालतू जानवरों की देखभाल से जुड़ी दुनिया की एक अग्रणी कंपनी मार्स इनकॉर्पोरेटेड ने पेडिग्री®  और व्हिस्कस® ब्रांड के लिए ‘फीड देम लाइक कैट्स एंड डॉग्स’ नाम से एक कैंपेन शुरू किया है। इसका उद्देश्य कुत्तों और बिल्लियों की विशेष पोषण आवश्यकताओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है। इस कैंपेन का संदेश सरल और सभी के लिए समझने योग्य है: पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, लेकिन उनकी पोषण संबंधी जरूरतें जैविक रूप से इंसानों से अलग होती हैं।

पेडिग्री®  ब्रँड फिल्म में दिखाया गया है कि एक पालतू जानवर के मालिक को यह एहसास होता है कि कुत्ते खाने के मामले में अपनी प्राकृतिक आदतों के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। व्हिस्कस® ब्रँड फिल्म में एक शांत और भावनात्मक क्षण को दिखाया गया है, जिसमें पालतू जानवर के मालिक को यह अहसास होता है कि हम बिल्लियों को भले ही परिवार का हिस्सा मानते हों, लेकिन उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताएं बिल्कुल अलग और खास होती हैं। इस कैंपेन को बीबीडीओ इंडिया और बीबीडीओ ग्युरेरो  ने मिलकर तैयार किया है। 

यह कैंपेन भारत के पशु चिकित्सकों (वेटनरी डॉक्टरों) के बीच किए गए एक हालिया सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें यह जानने की कोशिश की गई कि पालतू जानवरों को क्या खिलाया जा रहा है और इसका उनके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है। सर्वेक्षण में पाया गया कि, जो पालतू जानवर घर का बना खाना खाते हैं, उनमें पोषण की कमी आम तौर पर देखी गई है। ज़्यादातर वेट डॉक्टर संपूर्ण और संतुलित पैकेज्ड पेट फूड को एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प मानते हैं। कई डॉक्टरों ने यह भी बताया कि जब मालिक अपने पालतू जानवरों को पैकेज्ड फूड देना शुरू करते हैं, तो उनकी पाचन क्षमता, ऊर्जा स्तर और फर (बालों) की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलता है।

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