राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली के मुनिरका इलाके में एक ३२ वर्षीय मणिपुरी महिला पर हुए कथित नस्लीय हमले और उत्पीड़न की खबरों पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर ४ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। खबरों के अनुसार, पीड़िता पर तब हमला किया गया जब वह अपने घर जा रही थी, जहाँ कुछ स्थानीय लोगों ने न केवल उसके साथ मारपीट की बल्कि उन पर नस्लीय टिप्पणी भी की। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
यह घटना पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले भेदभाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। मानवाधिकार आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि देश की राजधानी में किसी भी नागरिक के साथ उसकी जातीयता या मूल स्थान के आधार पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं। इस नोटिस के माध्यम से आयोग ने समाज के कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
