राज्य स्तरीय 35वीं ताइक्वांडो प्रतियोगिता में पुरातन मालदा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। कुल 22 प्रतिभागियों में से 20 ने पदक जीतकर सफलता का परचम लहराया। यह प्रतियोगिता 13 से 15 जुलाई के बीच दुर्गापुर के सिधु-कानू स्टेडियम में आयोजित की गई थी।प्रतियोगिता में पुरातन मालदा से गए 22 खिलाड़ियों में से 5 ने स्वर्ण, 4 ने रजत और 11 ने कांस्य पदक जीते। खास बात यह रही कि सब-जूनियर कैटेगरी की 5 बालिकाओं ने स्वर्ण पदक जीतकर सबका ध्यान आकर्षित किया।
इन सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षक कृष्ण बासफोर से ताइक्वांडो की प्रशिक्षण मिला है, जो वर्षों से पुरातन मालदा के बच्चों को मार्शल आर्ट सिखा रहे हैं।कृष्ण बासफोर ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि हर घर के बच्चे ताइक्वांडो सीखें। यह सिर्फ खेल नहीं, आत्मरक्षा का एक प्रभावी तरीका है। खासकर लड़कियों के लिए यह बेहद ज़रूरी है। आज के समय में जब बच्चे मोबाइल में खो जाते हैं, ऐसे में शारीरिक व्यायाम और अनुशासन की शिक्षा ताइक्वांडो के जरिए मिलती है।”प्रतियोगिता में सफलता के बाद खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए तैयार हैं। सभी विजेता अब अपने घर लौट चुके हैं और उनके स्वागत में लगातार शुभकामनाओं की बौछार हो रही है।
शनिवार को मंगलबाड़ी ओसमानिया प्रांगण में ताइक्वांडो एकेडमी की ओर से सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया।एक खिलाड़ी ने बताया कि उसने मोबाइल पर ताइक्वांडो के वीडियो देख कर रुचि विकसित की और फिर प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास किया। आज उसे जीतने की खुशी है। एक अन्य विजेता ने कहा, “मैं ताइक्वांडो के जरिए न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन करना चाहती हूँ।”पुरातन मालदा के लिए यह उपलब्धि गर्व की बात है और यह दिखाता है कि अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
