बीरभूम जिले की सिउड़ी जिला अदालत एक बार फिर बम की धमकी मिलने से थर्रा उठी। सोमवार को जब अदालत परिसर में बार काउंसिल के चुनाव के लिए मतदान चल रहा था, उसी दौरान एक धमकी भरे ईमेल ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में खलबली मचा दी। यह दूसरी बार है जब इस अदालत को इसी तरह के मेल के जरिए निशाना बनाया गया है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिला न्यायाधीश (District Judge) के पास एक ईमेल आया, जिसमें अदालत परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे अदालत परिसर को खाली करा लिया गया।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने तुरंत मोर्चा संभाला और चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक संदिग्ध वस्तुओं की तलाश जारी थी।सरकारी वकील मलय मुखर्जी ने बताया कि बम की धमकी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार मिलने वाली ऐसी धमकियों से न केवल वकील और कर्मचारी डरे हुए हैं, बल्कि दूर-दराज से आए विचारधारियों (Litigants) को भी न्याय पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि इस तरह की बार-बार मिलने वाली धमकियों के पीछे ‘जमात’ जैसे संगठनों का हाथ हो सकता है।
पार्टी ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि पर्दे के पीछे छिपे साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।धमकी के कारण अदालत का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। बार काउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया भी बाधित हुई, जिससे अधिवक्ताओं में काफी रोष देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार इस तरह की घटनाओं से न्यायपालिका की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
