मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तरबंगाल के डाबग्राम में आयोजित एक जनसभा से राज्यवासियों को शांति का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह दंगा नहीं, शांति चाहती हैं। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग दंगे के सहारे राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन वह राज्य में ऐसा नहीं होने देंगी।
ममता बनर्जी ने कहा कि दंगे होते हैं तो घर जलते हैं, लोग मरते हैं। लेकिन राजनीतिक लोग इससे राजनीति करने का मौका ढूंढते हैं। मैं दंगा नहीं चाहती, मैं शांति चाहती हूं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग दंगे करते हैं, वे उसी मानसिकता के साथ जन्म लेते हैं। वे जनता की भलाई नहीं चाहते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की मिट्टी रवीन्द्रनाथ और काजी नजरुल की संस्कृति से बनी है। यहां के लोग सांप्रदायिक सौहार्द्र में विश्वास रखते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बंगाल के हर घर में विजय पताका फहराएं और एकता का संदेश दें।
सभा में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की बर्बर उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आवास योजना और 100 दिन के रोजगार योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं की राशि लंबे समय से रोकी गई है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने इन योजनाओं को अपने संसाधनों से जारी रखा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान — मैं दंगा नहीं, शांति चाहती हूं
