डुआर्स के चाय बागानों में हड़ताल का खास असर देखने को नहीं मिला। डुआर्स के ज़्यादातर चाय बागानों में सुबह से ही मज़दूर काम पर आ गए थे। अन्य दिनों की तरह ही सुबह से चाय बागानों में पत्तियां तोड़ने में चाय मज़दूर व्यस्त रहे।
हालांकि कुछ बागानों में हड़ताल समर्थकों ने गेट के सामने जुलूस निकाला, लेकिन इसका चाय उद्योग पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। नागरकट्टा के बामनडांगा चाय बागान की तरह बाकी बागान भी खुले रहे और मज़दूर नियमित रूप से काम करते नजर आए।
जिले के अन्य हिस्सों में हड़ताल का मिला-जुला असर देखा गया। कई स्थानों पर पुलिस ने हड़ताल समर्थकों को हिरासत में लिया है।
