असम के तेजपुर में एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान भारतीय वायुसेना का सुखोई सू-३० एमकेआई लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो युवा पायलटों की दुखद मृत्यु हो गई। विमान ने तेजपुर वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी थी, जिसके कुछ समय बाद ही उसका रडार से संपर्क टूट गया। सघन खोज अभियान के बाद विमान का मलबा घने जंगलों वाले क्षेत्र में पाया गया। भारतीय वायुसेना ने इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दे दिए हैं ताकि दुर्घटना की सटीक वजह स्पष्ट हो सके।
सुखोई सू-३० एमकेआई रूस के सहयोग से विकसित एक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। यह विमान दो इंजनों से लैस है और इसमें दो पायलटों के बैठने की व्यवस्था होती है। इसकी अधिकतम गति २१०० किलोमीटर प्रति घंटा है और यह ३००० किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम है। आधुनिक रडार प्रणाली और घातक मिसाइलों से लैस होने के कारण यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमला करने की अद्वितीय क्षमता रखता है।
